धर्म परिवर्तन के विवाद के बाद आदिवासी परिवार की गांव में हुई वापसी, प्रशासन की मौजूदगी में सुलझा मामला

पुलिस के अनुसार, गांव के रहने वाले मंटू दुग्गा के ईसाई धर्म अपनाने और उनके बेटे मोहन दुग्गा के कबीर पंथ का पालन करने को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई थी।

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 08:58 PM IST

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़कागांव में धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) को लेकर विवाद के बाद एक आदिवासी (Tribal) परिवार को कुछ समय के लिए गांव से बाहर कर दिया गया। बाद में पुलिस (Police) और जिला प्रशासन (District Administration) के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझ गया और परिवार की गांव में वापसी हो गई।

पुलिस के अनुसार, गांव के रहने वाले मंटू दुग्गा के ईसाई धर्म अपनाने और उनके बेटे मोहन दुग्गा के कबीर पंथ का पालन करने को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई थी। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार लंबे समय से गांव की पारंपरिक आदिवासी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों में हिस्सा नहीं ले रहा था। इस मुद्दे पर ग्राम सभा में चर्चा के बाद परिवार को गांव से बाहर करने का निर्णय लिया गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक ने बताया कि चर्चा के बाद परिवार ने अपनी पारंपरिक आदिवासी आस्था में लौटने पर सहमति जताई। इसके बाद ग्रामीणों ने परिवार को दोबारा गांव में रहने की अनुमति दे दी। परिवार ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान भी किए और भविष्य में गांव की परंपराओं का पालन करने का आश्वासन दिया।

प्रशासन ने बताया कि फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी तरह का तनाव नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि बातचीत और आपसी सहमति के जरिए विवाद का समाधान कर लिया गया है।