छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने पेश किया चालान, सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव की रिहाई का रास्ता साफ

करीब 3500 करोड़ रुपये के इस कथित शराब घोटाला मामले में जांच कर रही एजेंसियों ने रायपुर कोर्ट में 1000 से अधिक पन्नों का पूरक चालान पेश किया।

  • Written By:
  • Publish Date - April 8, 2026 / 07:22 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बहुचर्चित शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा (State Administrative Service) की अधिकारी सौम्या चौरसिया और तांत्रिक (Tantrik) केके श्रीवास्तव को बड़ी राहत मिली है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) द्वारा चालान (Chargesheet) पेश किए जाने के बाद अब दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

करीब 3500 करोड़ रुपये के इस कथित शराब घोटाला मामले में जांच कर रही एजेंसियों ने रायपुर कोर्ट में 1000 से अधिक पन्नों का पूरक चालान पेश किया। इस चालान में सौम्या चौरसिया, बिलासपुर निवासी कारोबारी व तांत्रिक केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डड़सेना की भूमिका का विस्तार से जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन तीनों ने कथित तौर पर घोटाले में अपनी-अपनी हिस्सेदारी तय की थी और अवैध तरीके से आर्थिक लाभ उठाया गया।

बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया कि सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उनकी रिहाई इस शर्त पर रुकी हुई थी कि चालान पेश होना जरूरी है। अब यह प्रक्रिया पूरी हो गई है, जिसके बाद दोनों की रिहाई की कार्रवाई शुरू हो गई है।

चालान में पैसों के लेन-देन, वित्तीय अनियमितताओं और कथित हेरफेर के तरीकों का जिक्र किया गया है। जांच एजेंसियों ने बताया है कि किस तरह इस पूरे मामले में धन का प्रवाह हुआ और नियमों के विरुद्ध लाभ उठाया गया।

इस घटनाक्रम के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है, जबकि रिहाई के बाद आरोपियों की भूमिका पर बहस और भी तेज हो सकती है।