रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास समेत 30 आबकारी अधिकारियों की करीब 38.21 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक इस घोटाले से राज्य के आबकारी खजाने को करीब 2,800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा जांच में सामने आए नए तथ्यों और मनी ट्रेल के आधार पर तय किया गया है।
ED की जांच में सामने आया है कि सरकारी सिस्टम को दरकिनार कर अवैध वसूली की गई और काले धन को संपत्ति और निवेश में लगाया गया। एजेंसी अब तक इस मामले में कुल 275 चल-अचल संपत्तियां जब्त कर चुकी है।
कुर्क की गई संपत्तियों में आलीशान बंगले, पॉश कॉलोनियों के फ्लैट, व्यवसायिक परिसरों की दुकानें और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि शामिल हैं। वहीं चल संपत्तियों में करोड़ों रुपए की सावधि जमा, कई बैंक खातों में जमा रकम, जीवन बीमा पॉलिसियां, शेयर और म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश शामिल बताया गया है। ED अधिकारियों के अनुसार ये सभी संपत्तियां शराब घोटाले से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई थीं। मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारियों की भूमिका की जांच जारी है और एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।