मनरेगा में कबीरधाम नंबर 1: 58 लाख मानव-दिवस, 1.42 लाख परिवारों को रोजगार, 124 करोड़ सीधे खातों में
By : hashtagu, Last Updated : April 3, 2026 | 12:14 pm
By : hashtagu, Last Updated : April 3, 2026 | 12:14 pm
कबीरधाम : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार (Excellent) प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले ने सर्वाधिक परिवारों को रोजगार (Employment), सबसे ज्यादा मानव-दिवस (Man-days) सृजन और दिव्यांगजनों को अधिकतम रोजगार देने जैसे अहम पैमानों पर टॉप किया है।
जिला प्रशासन के अनुसार लगातार निगरानी, समय पर कार्यों की स्वीकृति और मजदूरी भुगतान की बेहतर व्यवस्था का सीधा असर अब जमीनी स्तर पर दिख रहा है। इस प्रदर्शन से यह साफ हुआ है कि योजनाओं को गंभीरता से लागू करने पर ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलता है।
कलेक्टर Gopal Verma ने बताया कि ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार देने के लिए योजना की नियमित समीक्षा की गई और ग्राम पंचायतों की मांग के अनुसार बड़ी संख्या में निर्माण कार्यों को मंजूरी देकर तुरंत शुरू कराया गया। वनांचल से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बड़े पैमाने पर काम चल रहे हैं और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 11 हजार 466 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
जिले में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों पर विशेष फोकस किया गया है। इसके तहत तालाब निर्माण, नालियों का विकास, डबरी निर्माण और अन्य स्थायी परिसंपत्तियों पर तेजी से काम हुआ है, जिससे रोजगार के साथ-साथ दीर्घकालीन लाभ भी मिल रहा है।
जिला पंचायत के सीईओ Abhishek Agrawal ने बताया कि मांग आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी गई, जिससे जिले के हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े। आजीविका से जुड़े कार्यों में कुक्कुट पालन शेड, पशुपालन शेड, नए तालाब और पुराने जल स्रोतों के गहरीकरण जैसे कार्य शामिल हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए नए कार्यों से आने वाले समय में प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है।
आंकड़ों के अनुसार जिले ने 58 लाख 54 हजार 40 मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। कुल 1 लाख 42 हजार 482 परिवारों को रोजगार मिला, जिसमें भी जिला पहले स्थान पर रहा। दिव्यांगजनों के लिए 2 हजार 538 लोगों को 58 हजार 493 मानव-दिवस का रोजगार दिया गया, जो प्रदेश में सर्वोच्च है। महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत रही, जहां 1 लाख 30 हजार 160 महिलाओं को 29 लाख 33 हजार 959 मानव-दिवस का रोजगार मिला।
मजदूरी भुगतान के मामले में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कुल 124 करोड़ 53 लाख 46 हजार रुपये सीधे मजदूरों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। साथ ही गांवों में बन रही स्थायी परिसंपत्तियां भविष्य में भी विकास को गति देंगी।