सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले (Sukma district) के सुदूर और दुर्गम गांव गुमड़ी में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के दल ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर के दौरान टीम की मुलाकात नन्हे गणेश जैसे कई बच्चों से हुई, जो कुपोषण (Malnutrition) और बार-बार बीमार पड़ने की समस्या से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम ने ऐसे बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर जांच, इलाज और पोषण संबंधी सलाह उपलब्ध कराई, जिससे अब उनकी सेहत में सुधार आया है और परिवारों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से गांव के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को आवश्यक दवाइयां दी गईं और बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी दी गई। दूरस्थ क्षेत्र में पहली बार इस तरह की स्वास्थ्य सुविधा मिलने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और अभियान की सराहना की।
सुकमा के गुमड़ी जैसे सुदूर और दुर्गम गांव में जब मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, तो उनकी मुलाकात नन्हे गणेश जैसे बच्चों से हुई जो पोषण की कमी से अक्सर बीमार रहते थे, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिकता से इनकी मदद की, जिससे आज वे स्वस्थ हैं… pic.twitter.com/wAX5qrhYRo
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) July 1, 2026
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का उद्देश्य बस्तर संभाग के दूर-दराज और पहुंच से बाहर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।
राज्य सरकार का कहना है कि सुशासन की भावना के साथ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के जरिए लगातार ऐसे गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां नियमित चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। इस पहल से ग्रामीणों को समय पर जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का लाभ मिल रहा है।