अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई: सिलेंडर और पेट्रोल की कमी की खबर फैलाने पर केस, मुख्यमंत्री का बड़ा आदेश

By : hashtagu, Last Updated : March 29, 2026 | 9:30 am

रायपुर:  अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) के असर (impact) की चर्चाओं के बीच प्रदेश में सिलेंडर (cylinder) और पेट्रोल (petrol) की कमी (shortage) को लेकर सोशल मीडिया (social media) पर अफवाह (rumor) फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार vernemtn) (Chhattisgarh goने स्पष्ट किया है कि ऐसी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा और साइबर सेल (cyber cell) इसकी निगरानी करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को अलर्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

सरकार ने नवा रायपुर स्थित साइबर मुख्यालय को विशेष जिम्मेदारी दी है, जहां से पेट्रोल और गैस से जुड़े सभी मैसेज पर नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।

इसी बीच प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती शुरू कर दी है। प्रदेशभर में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार तक अलग-अलग होटलों, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 3800 से ज्यादा गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि इन जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई हर हाल में सुचारू रखी जाए और आम जनता को समय पर सही जानकारी दी जाए। इसके अलावा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं भी कृत्रिम संकट न पैदा हो।

सरकार ने अस्पताल, छात्रावास, रेलवे और अन्य जरूरी संस्थानों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आम लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यदि कहीं गैस सप्लाई में गड़बड़ी होती है या ज्यादा पैसे मांगे जाते हैं, तो लोग इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी की जानकारी भी इसी नंबर पर दी जा सकती है।