Bastar Pandum 2026: राष्ट्रपति मुर्मू को बस्तर आने का न्योता, CM साय बोले– जनजातीय विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का बड़ा प्रयास

By : hashtagu, Last Updated : January 4, 2026 | 12:23 am

नई दिल्ली / बस्तर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने शनिवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को राज्य के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत को संरक्षित करने, उसे बढ़ावा देने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग ले सकें। बस्तर पंडुम का अंतिम और मुख्य चरण फरवरी 2026 में बस्तर में आयोजित किया जाएगा, जहां इसका भव्य समापन होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन राज्य सरकार की जनजातीय संस्कृति को सम्मान देने और उसे सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने राष्ट्रपति को यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विकास और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं।

राष्ट्रपति को मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह बस्तर की पहचान, परंपराओं और लोक जीवन को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक मजबूत मंच भी है।