नई दिल्ली: देश में ईंधन (fuel) और रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की सप्लाई (supply) पूरी तरह स्थिर (stable) बनी हुई है। सरकार (government) ने बताया कि अब 94 प्रतिशत गैस सिलेंडर की डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (Delivery Authentication Code) के जरिए की जा रही है, जिससे सप्लाई सिस्टम और पारदर्शी (transparent) हुआ है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने जैसी स्थिति नहीं आई है।
सरकार के अनुसार, एक दिन में करीब 45 लाख गैस बुकिंग के मुकाबले लगभग 51 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जिससे यह साफ है कि मांग के मुकाबले सप्लाई बेहतर तरीके से मैनेज की जा रही है।
हालांकि, कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर पहले कुछ असर पड़ा था, लेकिन अब इसे करीब 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। अप्रैल महीने में लगभग 1.31 लाख टन कमर्शियल गैस की बिक्री हुई, जो करीब 69 लाख 19 किलो वाले सिलेंडर के बराबर है।
सरकार ने यह भी बताया कि छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है और 23 मार्च से अब तक 20 लाख से ज्यादा सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि देश में ईंधन और गैस की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को किसी तरह की कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं है।