शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, EOW का बड़ा दावा- 104 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन पहुंचे, 22 जुलाई तक पुलिस रिमांड
By : hashtagu, Last Updated : July 18, 2026 | 2:55 pm
रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW – Economic Offences Wing) ने उन्हें शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, कोल लेवी घोटाला (Coal Levy Scam) मामले में विशेष अदालत ने उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी है। एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि जांच के दौरान जब्त की गई डायरियों और अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे करीब 104 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा EOW को ओवरटाइम घोटाले में भी उनसे पूछताछ करने की अनुमति मिल गई है।
शनिवार को EOW ने रामगोपाल अग्रवाल को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। रिमांड के दौरान एजेंसी ने अदालत को बताया कि अब तक की जांच और दोबारा जांचे गए दस्तावेजों के आधार पर 104 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन तक पहुंचने की जानकारी मिली है। EOW का कहना है कि इस दावे के समर्थन में डायरी और अन्य दस्तावेजों से नए साक्ष्य मिले हैं।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW ने दावा किया था कि कोल लेवी से जुड़े 52.62 करोड़ रुपये रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे थे। बाद में यह आंकड़ा 54.62 करोड़ रुपये बताया गया। अब EOW ने जांच के दौरान दावा किया है कि यह रकम बढ़कर 104 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से बरामद डायरियों के विश्लेषण के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित रकम के लेन-देन की जांच की जा रही है।
EOW ने अदालत को बताया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए रामगोपाल अग्रवाल का आमना-सामना अन्य आरोपियों और गवाहों से कराया जाएगा। इनमें सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र डनसेना, निखिल चंद्राकर, रोशन सिंह, नारायण साहू और गवाह मोहसिन खान शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए जाएंगे।
शुक्रवार को कोल लेवी मामले में नौ दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी। इसी दौरान EOW ने शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी के लिए आवेदन पेश किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि शराब घोटाले में अदालत ने उन्हें 25 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। चूंकि वे फिलहाल कोल लेवी मामले में EOW की पुलिस रिमांड पर हैं, इसलिए एजेंसी की हिरासत में ही रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक, 22 जुलाई को कोल लेवी मामले की रिमांड खत्म होने के बाद EOW उन्हें फिर अदालत में पेश करेगी और शराब घोटाले में पूछताछ के लिए अलग से पुलिस रिमांड मांग सकती है। वहीं, ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद उस मामले में भी आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जरूरत पड़ने पर उस केस में भी गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में कोल लेवी, शराब घोटाला, DMF और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, EOW की कार्रवाई के बाद ED भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मांग सकती है। संभावना है कि EOW की जांच पूरी होने और उनके न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद ED अदालत से कस्टडी लेकर अपने मामलों में पूछताछ शुरू करे।



