महादेव सट्टा ऐप केस में ED का बड़ा एक्शन, शेफाली बग्गा से घंटों पूछताछ; 10 से ज्यादा हाई-प्रोफाइल नाम रडार पर

By : hashtagu, Last Updated : July 19, 2026 | 2:34 am

रायपुर। महादेव सट्टा ऐप (Mahadev Betting App) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने जांच तेज कर दी है। बड़े कारोबारी विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने टीवी होस्ट और बिग बॉस की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से कई घंटों तक पूछताछ की। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में कारोबार, खेल और राजनीति से जुड़े 10 से अधिक हाई-प्रोफाइल लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

पूछताछ के दौरान शेफाली बग्गा ने कथित तौर पर महादेव सट्टा ऐप के प्रमोशन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अपने पिता विपिन बग्गा पर डालते हुए कहा कि प्रमोशनल डील और पैसों के लेन-देन का काम वही देखते थे। इससे पहले 30 मई को ईडी ने दिल्ली स्थित उनके घर पर छापेमारी कर 30 लाख रुपये जब्त किए थे। एजेंसी का दावा है कि यह रकम महादेव सट्टा ऐप के प्रमोशन से जुड़ी कमाई थी।

ईडी की जांच में पहले कारोबारी विकास गर्ग की 907.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान विकास गर्ग से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित करीब 1100 करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों में निवेश किए गए। इन्हीं जानकारियों के आधार पर एजेंसी ने कई हाई-प्रोफाइल लोगों को नोटिस भेजे हैं।

विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले में सबसे पहले उनकी सरकार ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। उन्होंने मांग की कि विकास गर्ग के राजनीतिक संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी दल के नेताओं से संबंध सामने आते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

भूपेश बघेल के बयान पर उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में भाजपा से जुड़ा कोई व्यक्ति भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।