मध्य प्रदेश की सबसे लंबी अंडरग्राउंड जल सुरंग का CM मोहन यादव ने किया निरीक्षण, 2.45 लाख हेक्टेयर जमीन को मिलेगा सिंचाई लाभ
By : hashtagu, Last Updated : July 17, 2026 | 5:58 pm
कटनी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कटनी जिले में स्लीमनाबाद जल सुरंग (Sleemanabad Water Tunnel) का निरीक्षण किया। यह देश की सबसे लंबी भूमिगत जल सुरंगों (Underground Water Tunnel) में शामिल है, जो नर्मदा नदी (Narmada River) के पानी को विंध्य क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही है। इस परियोजना (Project) के पूरा होने के बाद करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि (Agricultural Land) में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल प्रदेश की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। यह सुरंग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के बरगी डायवर्जन प्रोजेक्ट (Bargi Diversion Project) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए नर्मदा का पानी गुरुत्वाकर्षण (Gravity Flow) के माध्यम से विंध्य पर्वत क्षेत्र को पार करते हुए सोन नदी बेसिन तक पहुंचाया जाएगा।
करीब 11.95 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र में किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद कटनी, जबलपुर, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों के लगभग 1,450 गांवों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इस सुरंग का निर्माण कई तकनीकी चुनौतियों के बीच किया गया है। विंध्य क्षेत्र की कठिन चट्टानों, भूमिगत पानी के रिसाव और भूगर्भीय समस्याओं के कारण परियोजना में देरी हुई। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत करीब 799 करोड़ रुपए थी, जो बाद में बढ़कर लगभग 1,600 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
सरकार के अनुसार सुरंग के निर्माण से नर्मदा का पानी उन क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जहां लंबे समय से पानी की कमी और सिंचाई की समस्या रही है। परियोजना के जरिए कृषि के साथ-साथ जल प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा कर किसानों को इसका लाभ पहुंचाना है। स्लीमनाबाद जल सुरंग को मध्य प्रदेश के जल संसाधन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।




