एमपी में UCC पर सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- एक शादी का ही होगा कानूनी अधिकार, मानसून सत्र में आएगा विधेयक

By : hashtagu, Last Updated : July 18, 2026 | 6:33 pm

कटनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून (Law) होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राम एक शादी करेंगे तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई तीन तलाक (Triple Talaq) देगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा। तीन तलाक का दौर खत्म हो चुका है और कानूनी मान्यता केवल एक शादी को ही मिलेगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में कानूनी रूप से उसी व्यक्ति को एक शादी का अधिकार होगा, जिसने केवल एक ही विवाह किया हो। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए और कानून के सामने किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड का कानून लाने जा रही है। इस देश में सभी भारत माता की संतान हैं और सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। इससे पहले भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है। रिपोर्ट को तीन अलग-अलग खंडों में तैयार किया गया है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाएं, विभिन्न कानूनों, परंपराओं और व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन शामिल है। इसमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर लागू व्यवस्थाओं का विश्लेषण करते हुए सुझाव दिए गए हैं। इस खंड में कुल 10 अध्याय शामिल किए गए हैं।

रिपोर्ट का दूसरा खंड सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। समिति ने मध्य प्रदेश की मौजूदा व्यवस्थाओं और नियमों को ध्यान में रखते हुए यह मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक में 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं। यही मसौदा आगे चलकर राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून का आधार बनेगा।